Petrol- Diesel Price- इस हफ्ते 8% टूटा कच्चा तेल, क्या सस्ता हो सकता हैं पेट्रोल-डीजल
- byJitendra
- 20 Jun, 2026
दोस्तो मीडिल ईस्ट में चल रहे विवाद को शांत होने की संभावना हैं, जिसके बाद से पिछले हफ़्ते इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। हफ़्ते के आखिरी ट्रेडिंग दिन तेल की कीमतों में थोड़ी रिकवरी देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 8% की गिरावट आई। तो क्या पेट्रोल डीजल की कीमत कम हो सकती हैं, आइए जानें-

हफ़्ते के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 8% की गिरावट आई।
ब्रेंट क्रूड $80.57 प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि US WTI क्रूड $77.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ।
इज़राइल-हिज़्बुल्लाह सीज़फायर और US-ईरान बातचीत में प्रगति ने मार्केट का भरोसा बढ़ाया।
ईरान से अतिरिक्त तेल सप्लाई से कच्चे तेल की कीमतें और कम हो सकती हैं।
जानकारों का मानना है कि अगर ग्लोबल शांति की कोशिशें जारी रहीं तो कच्चे तेल की कीमतें और गिर सकती हैं।
ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतें: साप्ताहिक परफॉर्मेंस
शुक्रवार को मामूली बढ़ोतरी के बावजूद, पिछले हफ़्ते की तुलना में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम रहीं।
ब्रेंट क्रूड
शुक्रवार को $80.57 प्रति बैरल पर बंद हुआ।
साप्ताहिक आधार पर लगभग 8% की गिरावट दर्ज की गई।
12 जून को ब्रेंट क्रूड $87.33 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
पिछले हफ़्ते कीमतों में $6.76 प्रति बैरल की गिरावट आई है।
WTI क्रूड
$77.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ।
साप्ताहिक आधार पर 8.65% की गिरावट दर्ज की गई।
12 जून को WTI क्रूड की कीमत $84.88 प्रति बैरल थी।
एक हफ़्ते में कीमतों में $7.34 प्रति बैरल की गिरावट आई है।
कच्चे तेल की कीमतें क्यों गिरीं?
गिरावट की मुख्य वजह इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीज़फायर समझौता था, जिससे मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट का डर कम हो गया।
एक और अहम वजह US-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदें थीं, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई बढ़ सकती है और मार्केट में स्थिरता आ सकती है।
जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)—जो ग्लोबल ऑयल ट्रांसपोर्टेशन के लिए एक अहम रास्ता है—में रुकावट की चिंताएं भी कम हो गईं।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नज़र
सीज़फायर समझौते के बाद, खाड़ी देशों के तेल उत्पादकों ने एक्सपोर्ट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी।






