दोस्तो जैसा की हम सब जानते हैं कि स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं, जिस पर हर प्रकार की बात होती हैं, ऐसे में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियाँ कोई छोटी-मोटी बात नहीं हैं—भारतीय कानून के तहत ये दंडनीय अपराध हैं। चाहे धमकी आमने-सामने दी गई हो, फ़ोन पर, या मैसेज के ज़रिए, कानून ऐसे कामों को बहुत गंभीरता से लेता है। आइए जानते हैं कोई गाली दे क्या करें-

मज़बूत सबूत इकट्ठा करें
अगर कोई फ़ोन कॉल पर आपको गाली देना या धमकाना शुरू कर दे, तो तुरंत बातचीत रिकॉर्ड कर लें। WhatsApp मैसेज, टेक्स्ट या सोशल मीडिया चैट से जुड़े मामलों में, स्क्रीनशॉट लें और उन्हें सुरक्षित जगह पर सेव कर लें। ये अहम सबूत के तौर पर काम आ सकते हैं।
अपने कानूनी अधिकारों को जानें
भारतीय कानून के तहत, गाली-गलौज या अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

अगर कोई व्यक्ति आपको जान से मारने या नुकसान पहुँचाने की धमकी देता है, तो BNS की धारा 351 के तहत भी शिकायत दर्ज की जा सकती है; यह धारा आपराधिक धमकी और जान से मारने की धमकियों से संबंधित है।
शांत रहें और पलटवार करने से बचें
उकसावा कितना भी गंभीर क्यों न हो, खुद भी गाली-गलौज वाली भाषा में जवाब देने से बचें। भावनाओं में बहकर पलटवार करने से आपकी कानूनी स्थिति कमज़ोर हो सकती है।
याद रखें, डर के मारे चुप रहने से ऐसे व्यवहार को बढ़ावा ही मिलता है—कानूनी कार्रवाई करना आपका अधिकार है।





